डाकघर (Post Office) में नया eKYC नियम: निकासी और प्रक्रिया की पूरी जानकारी

 क्या आप भी पोस्ट ऑफिस की छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) में निवेश करते हैं? यदि हाँ, तो आपके लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण और उपयोगी अपडेट है। भारत सरकार और डाक विभाग (Department of Posts) ने पोस्ट ऑफिस बचत बैंक (POSB) खातों के लिए आधार आधारित e-KYC प्रक्रिया को देश भर में लागू कर दिया है।

इस पेपरलेस (Paperless) पहल का उद्देश्य ग्राहकों के लिए पैसों की जमा और निकासी को बेहद आसान और पारदर्शी बनाना है। आइए इस नए नियम और निकासी की सीमाओं के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कद जमा की सीमा: आप e-KYC प्रमाणीकरण का उपयोग करके नकद राशि बिना किसी भौतिक फॉर्म के आसानी से जमा कर सकते हैं।


eKYC और निकासी की मुख्य सीमाएं (Withdrawal Limits)

डाकघर में e-KYC के तहत जमा और निकासी के कुछ स्पष्ट नियम बनाए गए हैं:

  • ₹20,000 तक की निकासी: यदि आप आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Aadhaar Biometric Authentication) का उपयोग करके निकासी करते हैं, तो ₹20,000 या उससे कम की राशि के लिए किसी भी प्रकार के फॉर्म या वाउचर (जैसे SB-7) को भरने की आवश्यकता नहीं है। यह लेनदेन पूरी तरह से पेपरलेस होता है।

  • ₹20,000 से अधिक की निकासी: बड़ी निकासी के लिए भी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन का उपयोग किया जाता है।

  • PPF और RD के लिए विशेष सुविधा: पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और रेकरिंग डिपॉजिट (RD) जैसी योजनाओं में भी e-KYC का विस्तार किया गया है, जहाँ से बिना फॉर्म जमा किए आंशिक या पूर्ण निकासी (राशि की सीमा के बिना) की जा सकती है।


इस नई व्यवस्था के मुख्य लाभ

  • बिना फॉर्म के लेनदेन: अब आपको पैसे निकालने या जमा करने के लिए लंबी-चौड़ी पर्चियां या फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है।

  • समय की बचत: बायोमेट्रिक स्कैनिंग से लेनदेन तुरंत फिनैकल (Finacle) सिस्टम में दर्ज हो जाता है, जिससे आपका समय बचता है।

  • बढ़ी हुई सुरक्षा: बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन के उपयोग से धोखाधड़ी की संभावना कम हो जाती है।

  • विस्तृत पहुंच: यह सुविधा अब सभी प्रमुख योजनाओं—जैसे मंथली इनकम स्कीम (MIS), टाइम डिपॉजिट (TD), किसान विकास पत्र (KVP), नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), और PPF/RD में उपलब्ध है।


e-KYC के माध्यम से निकासी कैसे करें?

  1. पहला कदम (Consent): पोस्ट ऑफिस में काउंटर पर आपका आधार नंबर और बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) लिया जाता है।

  2. दूसरा कदम (Authentication): लेनदेन को अंतिम रूप देने से पहले एक बार फिर बायोमेट्रिक स्कैनिंग द्वारा ग्राहक का सत्यापन (Verification) किया जाता है।

  3. सफल लेनदेन: सत्यापन के बाद, राशि आपके खाते से बिना किसी कागजी कार्रवाई के निकाल दी जाती है।

POSTAL DOST



Previous Post
Next Post
Related Posts

0 Comments:

We Welcome Your Comments